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आज दिखेगा साल 2020 का सबसे बड़ा सुपरमून, क्यों है ख़ास?

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आज दिखेगा साल 2020 का सबसे बड़ा सुपरमून, क्यों है ख़ास?

साल 2020 का अगला सुपरमून 7 अप्रैल को रात 8:30 जीएमटी पर दिखाई देगा, और इसे देखने वालों के लिए एक खास अनुभव होगा, क्योंकि यह इस साल का सबसे बड़ा सुपरमून होगा. मगर सुपर मून देखने से पहले जानिए कि आखिर सुपर ब्लड क्या होता है, और इसे आखिर ब्लड मून कहते क्यों हैं. दरअसल, ये एक आकाशीय घटना है जिसमें चांद, धरती के सबसे पास होता है. साथ ही ये 14 फीसदी ज्यादा बड़ा दिखेगा. इसे ब्लड मून इसलिए कहते हैं क्योंकि पूर्ण चंद्रग्रहण के दौरान चांद जब धरती की छाया में रहेगा तो इसकी आभा रक्तिम हो जाएगी जिसे रक्तिम चंद्र या लाल चांद कहते हैं. ऐसा तब होता है जब चांद पूरी तरह से धरती की आभा में ढक जाता है. ऐसे में भी सूरज की 'लाल' किरणें 'स्कैटर' होकर चांद तक पहुंचती है. अब सवाल ये है कि सिर्फ लाल रंग का ही चांद क्यों चमकता है. ये 'स्कैटरिंग' के सिद्धांत के कारण होता है. सूरज की किरणें जब धरती के वातावरण से होकर गुजरती हैं, तो वातावरण में मौजूद कणों के कारण किरणों के नीले, वायलेट रंग अपने आप फिल्टर हो जाते हैं और वेवलेंथ ज्यादा होने के कारण सिर्फ लाल और ऑरेंज कलर धरती के वातावरण से गुजरकर चांद के पास तक पहुंच पाता है. इस घटना के वक्त चांद का आकार ज्यादा बड़ा दिखता है, साथ ही ये धरती के सबसे पास भी होता है. ऐसे में इसे सुपरमून कहना तो जायज है. इस घटना के वक्त चांद 14 फीसदी बड़ा दिखेगा.

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