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India में संक्रमण रोकने के लिए Corona gene sequencing का काम तेज़

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India में संक्रमण रोकने के लिए Corona gene sequencing का काम तेज़

नए कोरोना वायरस के विभिन्न पहलुओं को समझने के लिए भारत में इसकी जीनोम सीक्वेंसिंग तेज कर दी गई है। वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) के दो संस्थानों ने इसके लिए संयुक्त प्रोजेक्ट शुरू किया है। उन्होंने अगले तीन से चार हफ्ते में 300 तक सैंपल जुटाए जाने पर भारत में वायरस के व्यवहार के आकलन जारी करने का दावा किया है।इनमें शामिल सेंटर ऑफ सेल्युलर एंड मॉलिक्यूलर बायोलॉजी (सीसीएमबी) हैदराबाद के निदेशक डॉ. राकेश मिश्र ने बताया कि जीनोम सीक्वेंसिंग के जरिए वायरस के विकास, बदलते स्वरूप, वह कहां से आया, कौनसे स्वरूप खतरनाक हैं और कौनसे नहीं, आदि बातों को समझने में मदद मिलेगी। उनके साथ जीनोमिक्स और इंटीग्रेटेड बायोलॉजी संस्थान नई दिल्ली काम कर रहा है। मरीजों का इलाज कर रहे चिकित्सक व पैरा मेडिकल स्टाफ को संक्रमण से बचाने के लिए जैव विज्ञान व जैव इंजीनियरिंग विभाग (डीबीबी) और आईआईटी बॉम्बे के वैज्ञानिकों ने ऐसे जैल के विकास पर काम शुरू किया है, जिसे नाक की नली में लगा कर वायरस को रोका जा सकेगा। जैल बनाने में सफलता मिली तो सामुदायिक स्तर पर भी वायरस को फैलने से रोका जा सकेगा। इस शोध में नौ महीने लगने की संभावना है।

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