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मुस्लिम मरीज़ों के इलाज पर पाबंदी लगाने वाले अस्पताल के ख़िलाफ़ मामला दर्ज

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मुस्लिम मरीज़ों के इलाज पर पाबंदी लगाने वाले अस्पताल के ख़िलाफ़ मामला दर्ज

उत्तर प्रदेश के मेरठ में एक अस्पताल ने इश्तेहार छपवाकर मुस्लिम मरीजों से कहा था कि वे अपना और अपने एक तीमारदार का कोरोना नेगेटिव होने का सर्टिफिकेट लाएंगे तभी अस्पताल उनका इलाज करेगा. इसे लेकर अस्पताल के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. बता दें कि इश्तेहार को लेकर सोशल मीडिया पर विरोध होने के बाद अस्पताल ने हालांकि आज दूसरा इश्तेहार छाप कर कहा कि उसे अपने पहले इश्तेहार पर खेद है. 17 अप्रैल को एक अखबार में विज्ञापन दिया, और 18 अप्रैल को दूसरा विज्ञापन देकर माफी मांग ली। मेरठ के इंचौली थाना के प्रभारी ब्रिजेश कुमार सिंह ने बताया कि घटना के संबंध में संबंधित अस्पताल के संचालक के खिलाफ मामला दर्ज करके आवश्यक कार्रवाई की जा रही है. वहीं मेरठ के मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. राज कुमार से जब इस संबंध में पूछा गया तो उन्होंने कहा, 'निश्चित ही यह गलत है और हम इस मामले में संबंधित अस्पताल प्रशासन को नोटिस भेज रहे हैं. जवाब मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.' बता दें कि अखबार में प्रकाशित अस्पताल के स्पष्टीकरण में कहा गया है, ‘हमारी इस वैश्विक आपदा में सभी धर्मों (मुस्लिम, हिंदू, जैन, सिख, ईसाई) के लोगों के साथ मिल-जुलकर लड़ने का आग्रह करने की रही. किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाने की हमारी मंशा कभी नहीं रही है. अगर हिंदू/मुस्लिम/जैन/सिख/ईसाई समाज में किसी की भावना को ठेस पहुंची है, तो भी हम दिल से खेद प्रकट करते हैं.'

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