content-cover-image

आज की मुस्कान: कैंसर मरीज के लिए फरिश्ते बने बाइकर्स

मुख्य खबरें

00:00

ट्रेंडिंग रेडियो

आज की मुस्कान: कैंसर मरीज के लिए फरिश्ते बने बाइकर्स

सुप्रभात ! स्वागत है आपका मुख्य खबरों की बेहद ख़ास पेशकश में, जहाँ हम निरंतर आपके चेहरे पर मुस्कान लाने का प्रयत्न करते हैं. इस मुश्किल की घड़ी में हम सभी कहीं न कहीं चिंतित हैं, लेकिन ऐसे समय ने भी हमे समाज के कुछ ऐसे नायकों से मिलवाया है , जिनके बारे में जान कर हमारा दिल और दिन दोनों खुशनुमा हो उठते हैं. इसी कड़ी में आज आपको बता रहे हैं कर्नल एमएमके नाम्बियार के बारे में, जिन्होंने रिटायर होने से पहले मातृभूमि की रक्षा के लिए दुश्मन के छक्के छुड़ाए और अब पिछले कुछ साल से एक और जंग लड़ रहे हैं और ये जंग है कैंसर की. केरल के कूनूर जैसे छोटे शहर में उनकी कैंसर की दवाइयां मिलनी मुश्किल हुईं तो उनकी बहू ने बेंगलुरु से ये दवाइयां कुरियर से भेजना शुरू किया. लेकिन लॉकडाउन की वजह से बहू के लिए भी दवाइयां भेजना नामुमकिन हो गया. ऐसी मुश्किल घड़ी में ‘राइडर्स रिपब्लिक’ ग्रुप के तीन बाइकर्स सामने आए और उन्होंने कर्नल नाम्बियार और उनके परिवार को अहसास कराया कि इस लड़ाई में वो अकेले नहीं हैं. ये तीनों ‘राइट टू सेव लाइव्स’ मुहिम से जुड़े हैं, जिसे बेंगलुरु पुलिस ने शुरू किया है. इस मुहिम के तहत दूरदराज और ग्रामीण इलाकों में गंभीर मरीजों तक जीवन रक्षा दवाएं पहुंचाई जाती हैं. हमारे नायक, ये बाइकर्स किसी इनाम या प्रशंसा की चाह में ज़रूरतमंद मरीजों की मदद नहीं करते. एक मिशन पूरा होने के बाद इनके जेहन में एक ही सवाल होता है- अगली मंजिल कौन सी? अगला दरवाजा किस जरूरतमंद का? ऐसी ही इंसानियत की मिसालों के लिए हैं इस गाने की पंक्तियां- "इक रास्ता है जिंदगी, जो थम गए तो कुछ नहीं, ये कदम किसी मुकाम पे, जो जम गए तो कुछ नहीं." ऐसी ही प्रेरणा देने वाली, अद्भुत और जाबाज़ लोंगो की कहानियों , किस्सों और ख़बरों से जुड़े रहने के लिए सुनिए मुख्य खबरें , हर सुबह ठीक 6 बजे , सिर्फ khabri app पर. धन्यवाद।

Show more
content-cover-image
आज की मुस्कान: कैंसर मरीज के लिए फरिश्ते बने बाइकर्समुख्य खबरें