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जिनकी झलक पाने को उमड़ पड़ते थे हजारों, अंतिम मुलाक़ात नहीं कर पाया कोई

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जिनकी झलक पाने को उमड़ पड़ते थे हजारों, अंतिम मुलाक़ात नहीं कर पाया कोई

जो अपनी कला से दुनिया को दीवाना बना दे.. वो असली कलाकार है. एक कलाकार की सबसे बड़ी कमाई उसके फैंस होते हैं, जो हमेशा उसके साथ रहते हैं. हिन्दी फिल्म इंडस्ट्री ने पिछले दो दिनों में दो सबसे बड़े सितारों को खो दिया. बुधवार को इरफान खान अलविदा कह गए और आज ऋषि कपूर भी दुनिया से चले गए. फिल्मों के जरिए दुनिया का दिल जीतने वालों के साथ किस्मत ने ऐसा खेल खेला कि जब आज वो दुनिया से रुखसत हो रहे हैं तो कोई अंतिम विदाई भी नहीं दे पा रहा है.दुनिया इस वक्त कोरोना वायरस का कहर झेल रही है, हिन्दुस्तान में भी इसका असर है. देश में लॉकडाउन लागू किया गया है और लोगों के कहीं पर भी जुटने की मनाही है. यही वजह है कि आज जब दो बड़े सितारे दुनिया को अलविदा कह गए हैं, तो उनके वो लाखों फैन जो उनकी एक अदा पर हजारों की संख्या में जुट जाते थे, आज अलविदा कहने के वक्त वो जुट भी नहीं पा रहे हैं. ऋषि कपूर का जिस अस्पताल के बाहर निधन हुआ है, वहां पर मुंबई पुलिस ने बैरिकेडिंग कर दी है. और लोगों से अपील की जा रही है कि वे वहां ना आएं, क्योंकि सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना जरूरी है. इतना ही नहीं ऋषि कपूर के परिवार की ओर से भी अपील की गई है कि फैंस ना आएं. बता दें कि कुछ ऐसा ही बुधवार को इरफान खान के निधन के वक्त हुआ था, जब भी परिवार की ओर से अधिक संख्या में लोगों से ना आने की अपील की गई थी. इरफान के अंतिम संस्कार में भी सिर्फ 20 लोग ही जुटे थे, जिनमें करीबी लोग और कुछ बॉलीवुड के साथी थी. लॉकडाउन के दौरान किसी भी अंतिम संस्कार में 20 से अधिक लोगों के जुटने की मनाही है.

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