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मज़दूरों को अपने राज्य ले जाने वाली पहली ट्रेन चल पड़ी है

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मज़दूरों को अपने राज्य ले जाने वाली पहली ट्रेन चल पड़ी है

प्रवासी मज़दूरों को उनके घर तक पहुंचाने के लिए पहली ट्रेन चल पड़ी है. तेलंगाना के लिंगमपल्ली से झारखंड के हटिया तक के लिए एक स्पेशल ट्रेन चलाई गई है. आज (1 मई) की सुबह ट्रेन लिंगमपल्ली से रवाना हुई, रात 11 बजे हटिया पहुंचेगी. इसमें 24 डिब्बे हैं. दरअसल, केंद्र सरकार से कई राज्यों ने प्रवासी मज़दूरों को वापस लाने के लिए स्पेशल ट्रेन चलाने की मांग की थी. जबकि केंद्र की गाइडलाइन्स में बसों से आवाजाही की बात कही गई थी. ऐसे में पहली ट्रेन चलने की खबर ने सवाल खड़ा किया कि ट्रेन आखिर कैसे चला दी गई? इस पर रेलवे की तरफ से आधिकारिक बयान जारी कर जवाब दिया गया. कहा गया कि तेलंगाना सरकार की अपील पर और रेल मंत्रालय के निर्देशों पर ये फैसला लिया गया. सभी जरूरी सावधानियां बरती गईं. जैसे- यात्रिओं की स्क्रीनिंग की गई, स्टेशन और ट्रेन के अंदर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया गया. अभी केवल एक स्पेशल ट्रेन चलाई गई है. आगे किसी ट्रेन को चलाने की प्लानिंग रेल मंत्रालय के निर्देशों और दोनों तरफ की सरकारों की अपील पर ही की जाएगी. (दोनों तरफ की सरकारें मतलब- जहां से ट्रेन चली वो राज्य, जहां ट्रेन रुकेगी वो राज्य.).’ बसों की जगह ट्रेनें चलाने की मांग राजस्थान, पंजाब, तेलंगाना, केरल, कर्नाटक, बिहार और झारखंड की तरफ से की गई थी. वहीं राजस्थान सरकार के स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा का बयान भी आ गया. उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने केंद्र से मजदूरों को लाने और ले जाने के लिए ट्रेन चलाने की मांग की थी, जिसके लिए सरकार राजी हो गई है. इसके अलावा स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा ने निजी अस्पतालों के खिलाफ निर्णय लेने की भी बात कही. आगे बताया कि राजस्थान में 8 ज़िलों को रेड ज़ोन में रखा गया है और वो वहां पर नियमों का कड़ाई से पालन करवाएंगे. साथ ही पूरी कोशिश करेंगे कि ये ज़िले भी जल्द ऑरेंज ज़ोन में आ जाएं.

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