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श्रमिक स्पेशल ट्रेनें: घर जाने के लिए चुकाने होंगे 50 रुपये

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श्रमिक स्पेशल ट्रेनें: घर जाने के लिए चुकाने होंगे 50 रुपये

लॉकडाउन के बीच गृह मंत्रालय ने भारतीय रेलवे को निर्देश दिए हैं कि वे प्रवासी मजदूरों, श्रद्धालुओं, छात्रों और विभिन्न राज्यों में फंसे हुए लोगों को उनके घर पहुंचाने के लिए विशेष ट्रेनों का संचालन करे। रेलवे बोर्ड ने यात्रियों से वसूले जाने वाले सामान्य स्लीपर श्रेणी के अलावा अतिरिक्त शुल्क की घोषणा की है। ये अतिरिक्त शुल्क एक मई से प्रभावी हो गए हैं। रेलवे ने कहा है कि विशेष ट्रेनों का संचालन केवल राज्यों के अनुरोध पर होगा। मगर उसने घोषणा की है कि विभिन्न राज्यों के बीच संचालित होने वाली विशेष ट्रेनों में स्लीपर श्रेणी के किराए के साथ-साथ प्रति यात्री 50 रुपये का अतिरिक्त शुल्क वसूला जाएगा। तमिलनाडु सरकार ने प्रवासी मजदूरों और छात्रों को लाने के लिए अभी अनुरोध नहीं किया है लेकिन रेलवे अधिकारियों का कहना है कि अतिरिक्त शुल्क देश में संचालित होने वाली सभी विशेष ट्रेनों पर लागू होंगे। रेलवे बोर्ड ने स्लीपर क्लास के किराए के अलावा सभी क्षेत्रों से 50 रुपये प्रति यात्री किराया लेने के लिए दक्षिण रेलवे सहित विभिन्न रेलवे क्षेत्रों को सर्कुलर जारी किया है। सर्कुलर में कहा गया है कि अतिरिक्त शुल्क में से 30 रुपये सुपरफास्ट चार्ज और 20 रुपये अतिरिक्त चार्ज हैं। दो राज्यों के बीच छोटी यात्रा के लिए जैसे चेन्नई से बंगलूरू तक, स्लीपर क्लास का किराया 260 रुपये के आसपास है। एक रेलवे अधिकारी ने बताया कि दक्षिण मध्य रेलवे द्वारा संचालित विशेष ट्रेन की तरह ही दक्षिण रेलवे कोच्चि से भुवनेश्वर के बीच एक विशेष ट्रेन संचालित कर रहा है।

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