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जानें कितनी खतरनाक है स्टाइरीन गैस, और पहले कब-कब हुई ऐसी तबाही

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जानें कितनी खतरनाक है स्टाइरीन गैस, और पहले कब-कब हुई ऐसी तबाही

विशाखापट्टनम के आर.आर. वेंकटपुरम गांव में आज तड़के करीब 2:30 बजे एक फार्मा कंपनी के प्लांट में गैस लीक होने से एक बच्चे समेत 8 लोगों की मौत हो गई, जबकि 100 लोगों की हालत गंभीर बनी हुई है. 1000 से अधिक लोगों को अस्पताल में भर्ती किया गया है. इस गैस लीक से 3 किलो मीटर का इलाका प्रभावित हुआ है. एहतियातन 6 गांवों को खाली करा लिया गया है. आइए जानते हैं की स्टाइरिन गैस कितनी खतरनाक है? - ये गैस प्लास्टिक, पेंट, टायर जैसी चीजें बनाने में इस्तेमाल होती है. स्टाइरीन गैस का शरीर पर खतरनाक असर पड़ता है. इस गैस के संपर्क में आने वाले व्यक्ति को सांस लेने में परेशानी, शरीर पर रैशेज, आखों में जलन, उल्टी और बेहोशी जैसी दिक्कतें होने लगती हैं. इससे मरीज की जान भी जा सकती है. वैसे आपको बता दें की ये पहली बार नहीं हुआ है, जब देश में गैस लीक होने की वजह से लोगों की मौत हुई हो और सैकड़ों लोगों को हॉस्पिटल में भर्ती कराने की नौबत आई हो. देश में पहले भी इस तरह के मामले सामने आए हैं. मध्य प्रदेश के भोपाल में 3 दिसंबर 1984 को गैस लीक हुई थी. इस मामले ने पूरी दुनिया को हिलाकर रख दिया था और इसमें 15,274 लोगों की मौत हो गई थी. यूपी के सीतापुर में 6 फरवरी, 2020 को गैस लीक का मामला सामने आया था. इसमें 7 लोगों की मौत हो गई थी. हिमाचल प्रदेश के नालागढ़ में 16 अप्रैल 2020 को गैस लीक का मामला सामने आया था, इसमें 1 शख्स की मौत हुई थी. महाराष्ट्र के मुंबई में भी 17 फरवरी 2018 को गैस लीक का मामला सामने आया था, इसमें भी 1 शख्स की मौत हो गई थी. इन सबके अलावा यूपी के शामली शुगर मिल में 10 अक्टूबर 2017, लखनऊ में 4 अप्रैल 2018 और दिल्ली के तुगलकाबाद में 6 मई 2017 को गैस लीक के मामले सामने आए थे. हालांकि इन जगहों पर किसी की मौत नहीं हुई थी.

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