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आज फूल जैसा दिखेगा चाँद? क्या होता है फ्लावर सुपरमून?

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आज फूल जैसा दिखेगा चाँद? क्या होता है फ्लावर सुपरमून?

दरअसल, मई के महीने के आस-पास दुनिया के कई हिस्सों में अच्छे खासे फूल खिलते हैं. इसलिए मई के फुल मून को फ्लावर मून कहा जाता है. अब इस बार मई में जो फुल मून पड़ा है, वो सुपरमून भी है. इसलिए इसे फ्लावर सुपरमून कहा जा रहा है. यानी सिर्फ नाम फूल वाला है, चांद फूल जैसा नहीं दिखेगा. शाम 4 बजकर 15 मिनट पर. लेकिन तब तो दिन होता है यहां पर. इसलिए भारत के लोग इसे नहीं देख सकेंगे. लेकिन दुनिया के कई हिस्सों में लोग इसका नज़ारा एन्जॉय ज़रूर करेंगे. नासा की प्रेस रिलीज़ के मुताबिक, फुल मून तो 5 मई की शाम से ही दिखना शुरू हो गया था, लेकिन वो सुपरमून 32 घंटे बाद यानी 7 मई की शाम 4.15 बजे बनेगा. अगली सुबह तक दुनिया के कुछ हिस्सों में लोग इसे देख पाएंगे. चलते चलते सुपरमून का टेक्निकल नाम भी जान लीजिए, बोलने में बहुत लंबा और जटिल है- perigee syzygy of the Earth–Moon–Sun system. यानी पृथ्वी-चांद और सूरज के सिस्टम की पैरेजी-सिजेजी. जब पृथ्वी, चांद और सूरज एक लाइन में होते हैं, तो उसे सिजेजी कहते हैं. पैरेजी- जब चांद और पृथ्वी एक-दूसरे के सबसे करीब होते हैं, उस वक्त उनके बीच की जो दूरी होती है, वो पैरेजी कहलाती है.

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