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लौटे किसान, कुछ मांगे स्वीकार तो कुछ पे नहीं बनी बात

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लौटे किसान, कुछ मांगे स्वीकार तो कुछ पे नहीं बनी बात

हरिद्वार से चलकर राजधानी दिल्ली की सड़कों पर पहुंचे हजारों किसानों ने मंगलवार रात को अपना आंदोलन खत्म करने की घोषणा की ! .मंगलवार दोपहर को जब गाजीपुर बॉर्डर की सड़कों पर पुलिस और किसानों के बीच संघर्ष की स्थिति पैदा हो गई थी. उसी दौरान दिल्ली में गृहमंत्री राजनाथ सिंह और किसानों के प्रतिनिधियों के बीच मुलाकात चल रही थी, इसी मुलाकात में किसान मान गए थे. और बाहर आकर उन्होंने कहा था कि सरकार ने हमारी कई मांगें मान ली हैं. आंदोलन खत्म करने के बाद भारतीय किसान यूनियन अध्यक्ष नरेश टिकैत ने कहा कि किसान घाट पर फूल चढ़ाकर हम अपना आंदोलन खत्म कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि यह सरकार किसान विरोधी है और हमारी कोई भी मांग पूरी नहीं हुई हैं. किसानों की वो बातें जो मान ली गई -किसानों की मांग थी कि NGT ने 10 साल पुराने डीजल ट्रैक्टरों के उपयोग पर बैन लगाया है, इसे हटाया जाए- मनरेगा को किसानों से जुड़ी योजनाओं से जोड़ा जा सकता है.किसानों से जुड़े उपकरणों पर GST कम किया जाए, -फसल पर बीमा दिया जाए. जिन बातों पर फैसला नहीं हो पाया -कर्ज माफी की जाए- डीजल के दाम में कटौती की जाए--ट्यूबवेल के लिए बिजली मुफ्त में दी जाए--60 से ऊपर की उम्र वाले छोटे किसानों को 5000 रुपये तक की मासिक पेंशन दी जाए

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