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विशेष रिपोर्ट: ये हो सकता अयोध्या में ?

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विशेष रिपोर्ट: ये हो सकता अयोध्या में ?

इस बार रामलला के तिरपाल में दर्शन कर लिए लेकिन अगली बार उनके भव्य मंदिर में ही दर्शन करूंगा ।आरएसएस ने सह कार्यवाह भैया जी जोशी ने सोमवार को अयोध्या में भगवान राम के दर्शन करने के बाद यह बात कहीं । अयोध्या में 25 नवम्बर को साधु संतों की बुलाई धर्म सभा को लेकर आरएसएस पूरी ताकत के साथ लगा है और उसने अपने स्वंय सेवकों को अयोध्या कूच करने को कहा है । खासकर उत्तर प्रदेश में आरएसएस की अयोध्या कूच की तैयारी देखते ही बनती है । राजधानी लखनऊ के हर नुक्कड़ चौराहे पर 25 को अयोध्या पहुंचने के बैनर ,होर्डिंग और पोस्टर लगे हैं । भैया जी जोशी कहते हैं कि 25 नवम्बर को कार सेवकों का शक्ति प्रदर्शन होगा । उनके अनुसार उस दिन करीब पांच लाख लोगों के आने की उम्मीद है । हम सुप्रीम कोर्ट से कहेंगे कि हिंदुओं की भावनाओं का ख्याल करते हुए जल्द कोई निर्णय ले । इसे लेकर कानून बनाना है या नहीं बनाना है यह सरकार में बैठे लोगों का काम है । लेकिन पीएम नरेंद्र मोदी से ये अपील जरूर है कि वो इस मामले में पहल करें ।भैया जी जोशी ने सोमवार को रामजन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष समेत अन्य साधु संतों से बंद कमरे में बात की । शिवसेना नेता संजय राउत कुछ दिन से यूपी में डेरा डाले हैं और पार्टी प्रमुख उद्व ठाकरे 24 नवम्बर को अयोध्या पहुंच रहे हैं । हो सकता है कि वो 25 नवम्बर को हो रही धर्म सभा में शिरकत भी करें । शिव सेना सीना ठोंक कर कह रही है कि 6 दिसम्बर 1992 को उनकी पार्टी ने मस्जिद का विवादित ढांचा गिराया था । संजय राउत कहते हैं कि 2019 के बाद राम मंदिर निर्माण की बात चुनावों में नहीं होनी चाहिए क्योंकि इसे अगले लोकसभा चुनाव के पहले ही बनना है । शिव सेना प्रमुख ने भी अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं से अयोध्या पहुंचने का आहवान किया है । हालांकि धर्मसभा स्थल विवादित परिसर से काफी दूर हाईवे के पास है । लेकिन इतना दूर भी नहीं कि लोगों को वहां पहुंचने में कोई परेशानी हो ।सीएम योगी आदित्यनाथ ने भी पुलिस प्रशासन से कहा है कि वो आयोजकों से बात कर पूरा इंतजाम करें । एडीजी सुरक्षा विजय कुमार ने सोमवार को सुरक्षा प्रबन्ध का जायजा लिया और संतुष्ट नजर आये । आरएसएस की तैयारी अयोध्या में 1992 जैसा आंदोलन खड़ा करने की है । अब अयोध्या में राम मंदिर की जिम्मेवारी पूरी तरह से आरएसएस ने ले ली है और केंद्र तथा यूपी में सरकार चला रही बीजेपी नेपथ्य में चली गई है । अब चलते हैं 26 साल पीछे ,6 दिसम्बर 1992 को जब लाखों की संख्या में जुटे कार सेवकों ने भारी सुरक्षा के बावजूद मस्जिद का विवादित ढांचा गिरा दिया था । पूर्व केंद्रीय मंत्री और मंदिर आंदोलन से जुड़े राम विलास वेदांती कहते हैं कि दिसम्बर में मंदिर का निर्माण शुरू हो जायेगा । वेदांती हो या भैया जी जोशी या संजय राउत इनके बयान महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं और ये भी लग रहा है कि 25 नवम्बर को कुछ भी हो सकता है । कुछ भी हो सकता है मतलब सांकेतिक रूप से मंदिर का निर्माण भी शुरू हो जाय । जिस तरह विवादित ढांचा गिराने में सुरक्षा एजेसी कुछ नहीं कर पाई थी,उसी तरह ऐसी स्थिति आने में वो असहाय होंगी । देखते हैं चार दिन बद क्या होने वाला है ।

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