content-cover-image
प्रणब मुखर्जी की ये है चिंता

मुख्य खबरें

00:00

ट्रेंडिंग रेडियो

प्रणब मुखर्जी की ये है चिंता

पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने देश में बढ़ती असहिष्णुता, मानवाधिकारों के हनन और अधिकांश धन अमीरों की जेब में जाने से गरीबों के बीच बढ़ती खाई पर चिंता जाहिर की है । 'शांति, सद्भाव और प्रसन्नता की ओर : विषय पर आयोजित दो दिवसीय सम्मेलन में मुखर्जी ने कहा, 'जिस देश ने दुनिया को 'वसुधैव कुटुंबकम' और सहिष्णुता का सभ्यतामूलक लोकाचार, स्वीकार्यता और क्षमा की अवधारणा प्रदान की वहां अब बढ़ती असहिष्णुता, गुस्से का इजहार और मानवाधिकरों का अतिक्रमण की खबरें आ रही हैं। ऐसा नहीं है कि प्रणब मुखर्जी ने पहली बार असहिष्णुता का जिक्र किया है। वह पहले भी कई बार बढ़ती असहिष्णुता पर निराशा जता चुके हैं। समारोह का आयोजन प्रणब मुखर्जी फाउंडेशन और सेंटर फॉर रिसर्च फॉर रूरल एंड इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट ने किया है । पूर्व राष्ट्रपति ने कहा, 'उन देशों में अधिक खुशहाली होती है जो अपने निवासियों के लिए मूलभूत सुविधाएं और संसाधन सुनिश्चित करते हैं, अधिक सुरक्षा देते हैं, स्वायत्ता प्रदान करते हैं और लोगों की सूचनाओं तक पहुंच होती है।

Show more
content-cover-image
प्रणब मुखर्जी की ये है चिंता मुख्य खबरें