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विशेष रिपोर्ट: कुछ अलग ही है ये भगवद् गीता |मुख्य खबरें
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विशेष रिपोर्ट: कुछ अलग ही है ये भगवद् गीता |
महाभारत के युद्ध में भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को जो उपदेश दिया था, उसे ही आज हम श्रीमद्भगवद्घीता के नाम से जानते हैं। वैसे तो आपने भगवद्गीता की कई सारी किताबें पढ़ी होंगी, लेकिन क्या आप दुनिया की सबसे बड़ी और भारी भगवद्गीता के बारे में जानते कौन सी है और कहां है? नही तो हम बताते है ,इस महान ग्रन्ध से जुडी ये खास बात दरअसल, दुनिया की सबसे वजनी भगवद्गीता इटली के मिलान शहर में बनी है और अब इसे समुद्र के रास्ते भारत लाया जा रहा है। गीता जयंती के मौके पर दिल्ली के इस्कॉन मंदिर में इसका विमोचन होगा। दुनिया की सबसे वजनी इस गीता का वजन 800 किलो है। संस्कृत भाषा में तैयार इस किताब में कुल 670 पेज हैं। इसे बनाने में करीब 2.5 साल का लंबा वक्त लगा है। हैरानी की बात तो ये है कि यह इतना भारी है कि इसके एक पन्ने को ही पलटने के लिए 4 लोगों की जरूरत होती है। अहमदाबाद के इस्कॉन मंदिर के प्रमुख जशोमतिनंदन दास ने बताया कि इस भगवद् गीता को बनाने में करीब 1.5 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। यह महाग्रंथ मजबूत सिंथेटिक कागज से तैयार की गई है। और ये भी कहा जा रहा है कि इसपर कई प्रकार की धातु लगाई गई है, जिसमें प्लेटिनम, सोना और चांदी मुख्य हैं। इसके अलावा इसके कवर को स्वर्णिम धातु से तैयार किया गया है। फिलहाल इस महाग्रंथ को दिल्ली के इस्कॉन मंदिर में ही रखा जाएगा, लेकिन बताया जा रहा है कि 2020 के बाद इसे कुरुक्षेत्र में बन रहे श्रीकृष्ण-अर्जुन मंदिर में स्थापित किया जा सकता है।
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