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विशेष रिपोर्ट : क़र्ज़ माफ़ी का सच

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विशेष रिपोर्ट : क़र्ज़ माफ़ी का सच

विशेष रिपोर्ट : क़र्ज़ माफ़ी का सच कमल नाथ ने मद्य प्रदेश में C.M. पद की शपथ लेने के बाद कुछ ही घंटो में चुनावी वायदे के अनुरूप किसानों की कर्ज माफ़ी का आदेश क्र दिया। इससे मध्य प्रदेश के लगभग 33 लाख किसानों को फायदा होगा जिनका दो लाख रूपए तक का लोन माफ़ हो जायेगा। इसके साथ ही देश में शुरू हो गयी एक नयी बहस कि क्या जनता के पैसे का इस्तेमाल चुनावी वायदे पूरा करने के लिए करना चाहिए। यही नहीं लोग यहाँ तक कह रहे हैं कि इस तरह के अनुदान का भुगतान राजनीतिक पार्टियों को अपने फण्ड से करना चाहिए। बात किसी हद तक सही भी है क्योंकि इस तरह के वायदे चुनाव जिताने में प्रभावी साबित होते हैं जैसा की मध्य प्रदेश के मामले में सब लोगों की राय है। सवाल यह भी उठता है कि क्या आर्थिक सुधारों के युग में क्या भारत जैसे विकासशील देशों को इस तरह का अनुदान देना चाहिए। होना तो यह चाहिए कि कृषि के क्षेत्र में ऐसे स्थाई सुधार हों जिससे किसानों को दूरगामी फायदे मिले न कि अर्थव्यवस्था के मूल्य पर देश पर बेवजह का बोझ पड़े और बैंकिंग सेक्टर भी भविष्य में ऋण देने के दर से उबार सके। बहरहाल जो हुआ सो हुआ , अब सरकारों को वोट की राजनीति से ऊपर उठ का दीर्घगामी योजनाओं पर ध्यान देना पड़ेगा। कहिअर , मूल बात मध्य प्रदेश में किसान ऋण माफ़ी की है तो हम आपको इस संबंध में बताएं कि आंकड़े क्या कह रहे हैं- · MP के किसानों पर सहकारी बैंक, राष्ट्रीयकृत बैंक, ग्रामीण विकास बैंक और निजी बैंकों का 70,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का कर्ज है। · इसमें 56,000 करोड़ रुपये का कर्ज 41 लाख किसानों ने लिया है। वहीं, लगभग 15 हजार करोड़ रुपये डूबते क़र्ज़ यानि एनपीए है। · इसके अलावा लगभग 25 लाख किसानो ने साहुकारो से लोन लिया है जो इस प्रकिया में शामिल नहीं है अमूमन जो किसान आत्महत्या करता है वो इसी लोन के कारण करता है ! · एक रिपोर्ट के अनुसार एक किसान पर औसत लोन 9100 से 27000 है और इसी लोन की माफ़ी की योजना है वो भी सहकारी, और , राष्ट्रीयकृत बैंक की निजी बैंक का नहीं किसानों द्वारा ट्रैक्टर व कुआं सहित अन्य उपकरणों के लिए कर्ज लिया गया है तो उसे कर्ज माफी के दायरे में नहीं लिया जाएगा। इस कर्जमाफ़ी के अंतर्गत सिर्फ खेती के लिए उठाए कर्ज पर माफी मिलेगी। इसमें भी यदि किसान ने दो या तीन बैंक से कर्ज ले रखा है तो सिर्फ सहकारी बैंक का कर्ज माफ होगा। कर्ज माफी कुल दो लाख रुपये तक ही होगी। यह योजना जून 2009 के बाद लिए गए ऋण पर लागू होगी और इसके पहले किसान को कालातीत बकाया राशि बैंक को वापस लौटानी होगी!

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