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ये भी हैं सबरीमाला में महिलाओं के रोक की वजह, सिर्फ मासिक धर्म नहींमुख्य खबरें
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ये भी हैं सबरीमाला में महिलाओं के रोक की वजह, सिर्फ मासिक धर्म नहीं
सबरीमाला भारत के प्रमुख हिंदू मंदिरों में एक है| पूरी दुनिया से लाखों श्रद्धालु आशीर्वाद लेने के लिए इस मंदिर परिसर में आते हैं| सबरीमाला मंदिर में दर्शन को लेकर कई मान्यताएं हैं| कुछ के मुताबिक महिलाओं के पीरियड्स होने को अशुभ माना जाता है तो कई मान्यताओं के मुताबिक भगवान अयप्पा के दर्शन के लिए बहुत ही पवित्र और कठिन पूजा करनी होती है| पुरानी कथाओं और मान्यताओं के अनुसार, भगवान अयप्पा अविवाहित हैं| वे अपने भक्तों की प्रार्थनाओं पर पूरा ध्यान देना चाहते हैं| उन्होंने तब तक अविवाहित रहने का फैसला किया है जब तक उनके पास कन्नी स्वामी (यानी वे भक्त जो पहली बार सबरीमाला आते हैं) आना बंद नहीं कर देते|" माना जाता था कि भगवान अयप्पा ब्रह्मचारी थे और जो महिलाएं रजस्वला होती हैं उन्हें मंदिर में प्रवेश की अनुमति नहीं होनी चाहिए| गौरतलब है कि करीब 800 साल पुरानी इस प्रथा पर देश की शीर्ष अदालत ने अपना फैसला सुनाते हुए रजस्वला नारियों को सबरीमाला मंदिर में जाने की इजाजत दे दी| 28 सितंबर, 2018 को सुप्रीम कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए केरल के सबरीमाला मंदिर में महिलाओं को प्रवेश की अनुमति दे दी है| कोर्ट ने साफ कहा है कि हर उम्र वर्ग की महिलाएं अब मंदिर में प्रवेश कर सकेंगी|
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