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बिना मेहरम हज पर जा सकेंगी मुस्लिम महिलाएं

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बिना मेहरम हज पर जा सकेंगी मुस्लिम महिलाएं

हज को इस्लाम के पांच मूल सिद्धांतों में से एक कहा जाता है और जब कोई अपने परिवार के कर्तव्यों को पूरा कर लेता है तो उसके लिए हज पर जाना जन्नत माना जाता है. अभी तक मुस्लिम महिलाओं के लिए हज पर जाना बहुत मुश्किल था, क्योंकि उन्हें हर समय अपने परिवार (मेहरम) के एक पुरुष के साथ रहना पड़ता था, लेकिन इस साल भारत और सऊदी अरब के बीच आपसी चर्चा के बाद अब भारतीय मुस्लिम महिलाएं बिना पुरुष के साथ भी हज पर जा सकेंगी. मुस्लिम महिलाओं को मिले इस अधिकार के बाद उत्तर प्रदेश में इस साल अकेले हज पर जाने के लिए 100 महिलाओं ने आवेदन किया और इनमें सबसे अधिक संख्या आगरा मंडल की है. सूत्रों का दावा है कि पिछले साल की तुलना में इस साल हज के लिए आवेदन करने वाली महिलाओं की संख्या पांच गुना तक बढ़ सकती है.

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