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चुनावी गिफ्टः दुल्हनों को सोना, MP में भत्ता

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चुनावी गिफ्टः दुल्हनों को सोना, MP में भत्ता

चुनाव करीब आने के साथ ही सियासी दल वोटरों को ध्यान में रखते हुए अपनी-अपनी प्राथमिकताओं में जुट गए हैं। केंद्र और राज्य की तरफ से लोकलुभावन घोषणाओं का दौर चल रहा है। इसमें खेतिहर वर्ग से लेकर बेरोजगारों को कर्जमाफी, कैश आमदनी और यहां तक कि सोने जैसी कीमती वस्तुएं अंशदान के रूप में देने का ऐलान किया गया है। बीजेपी शासित असम से लेकर कांग्रेस राज वाले मध्य प्रदेश में ऐसा ही कुछ देखने को मिल रहा है। असम में पेश किए गए बजट में गरीबों को एक रुपये किलो चावल और 5 लाख रुपये से कम आमदनी वाले परिवार में लड़की की शादी पर एक तोला सोने की सरकारी मदद का ऐलान हुआ है। इसके साथ ही हाई स्कूल परीक्षा में प्रथम श्रेणी हासिल करने वाली लड़कियों को ई-बाइक का भी वादा किया गया है। वही मध्य प्रदेश में कमलनाथ सरकार गुरुवार को 4,000 रुपये मासिक बेरोजगारी भत्ते का ऐलान कर सकती है। तो राजस्थान में भी कांग्रेस ने 3,000 से 3,500 के बेरोजगारी भत्ते का वादा किया था। वही बीते शुक्रवार को केंद्र सरकार ने 5 लाख तक की सालाना आय वाले लोगों को 100 प्रतिशत इनकम टैक्स छूट का बड़ा ऐलान किया। बुधवार को लेफ्ट शासित केरल में जीएसटी पर फूड सेस की अपनी योजना पर ब्रेक लगा दिया। विश्लेषकों का मानना है कि इस बार के चुनाव में लड़ाई कांटे की है और इन तोहफों को प्री पोल गिफ्ट के रूप में देखा जा रहा है। चलिए जानते है कि इससे राजकोष पर कितना बोझ बढेगा- कई राज्यों के किसान कर्जमाफी और राहत पैकेज की घोषणाओं से राज्य पर करीब 2.3 लाख करोड़ का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। तेलंगाना में भी रायतू बंधु और ओडिशा की कालिया स्कीम पर सालाना 22,000 करोड़ का खर्च आएगा। वही राजस्थान में अशोक गहलोत सरकार के बेरोजगारी भत्ते के ऐलान से सरकारी खजाने पर 525 करोड़ का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। अब सवाल ये है कि इन घाटों का वहन कौन करेगा?

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