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Special : तो इनसे समझनी होगी देशभक्ति ?

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Special : तो इनसे समझनी होगी देशभक्ति ?

कांग्रेस महासचिव और पूर्वी यूपी की प्रभारी बनाए जाने के बाद प्रियंका गांधी वाड्रा 12 मार्च को गुजरात के गांधीनगर में जनता के सामने आईं और बड़ा भावनात्मक भाषण दिया । देश के जो आज के हालात हैं उस पर प्रियंका बहुत चिंतित दिखाई दीं और कहा कि देश के आज के जो हालात हैं वो चिंताजनक हैं । देश किसानों का है । देशभक्ति की एक नई परिभाषा भी गढ़ गईं प्रियंका । देशभक्ति लोगों को आपस में जोड़ती है। बहुत समझदार हो गई हैं प्रियंका । पुराने कांग्रेसी उनमें इंदिरा गांधी का अक्श देखते हैं । देश के हालात तो इतने बुरे नहीं जितना प्रियंका को दिखाई दे रहे । पहली बार 10 करोड़ परिवार के 50 करोड़ लोगों को आयुष्मान भारत योजना के तहत मुु्फ्त इलाज का लाभ मिलना शुरू हुआ है । 98 प्रतिशत गांव खुले में शौच से मुक्त हो गए हैं । प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लाखों बेघरों को पक्के घर मिले हैं । असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले कामगारों को बीमा और पेंशन का लाभ मिले इसकी योजना शुरू कर दी गई है । उज्जवला योजना के तहत चार करोड़ परिवारों को मुफ्त रसोई गैस के कनेक्शन दिए गए हैं । लाखों लोगों ने गैस पर मिलने वाली सब्सिडी छोड़ दी है । प्रियंका जी ये चिंता की बात है क्या? हां निजी रूप से आपकी चिंता जायज समझ में आती है, क्योंकि आपकी मां और भाई जमानत पर हैं और पति को रोज पर्वतन निदेशालय के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं । आपको तो पता ही होगा कि मां और भाई को जमानत क्यों लेनी पडी है और दस सालों तक देश के दामाद रहे आपने पति देव रोज पर्वतन निदेशालय के अधिकारियों के पास पुराना सब भूल जाने का ड्रामा क्यों कर रहे हैं ? प्रियंका जी ये देश सच में किसानों का है क्योंकि वो अपने पाीने से खेतों को सींचता है तब जा के देश के लोगों को दो वक्त की रोटी मिलती है ।लेकिन लोगों को ये बात कहने के पहले इसे अपने पति को समझाती जिसने आपकी पार्टी के शासनकाल में हरियाणा और राजस्थान की सैंकडो बीघा किसानों की जमीन सस्ते में हड़प ली । देशभक्ति की आपकी परिभाषा भी जल्द हजम होने लायक नहीं है । अगर लोगों को जोड़ना ही देशभक्ति है तो आपके बड़े भाई को ये बात क्यों नहीं समझ में आती। रात में खाने के टेबल पर तो आप भाई के साथ होती ही हैं । जरा समझाइए कि कुर्ते की बांह समेट कर भाषण देना और देश के बारे में सोचना अलग अलग बात है । अपनी चिंता को देश की चिंता मत समझिए मैडम ,देश बहुत बड़ा और देश के लोग बहुत समझदार। वो समय अब बीत गया, लोग अपना अच्छा बुरा तो समझते ही हैं ,साथ ये भी समझते कि किसमें उनकी भलाई । फिर भी आपको मुबारकबाद ।

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