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Special : Bollywood का Shakespeare से गहरा रिश्ता

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Special : Bollywood का Shakespeare से गहरा रिश्ता

'ये विश्व एक रंगमंच है, और सभी स्त्री-पुरुष सिर्फ पात्र हैं, उनका प्रवेश और प्रस्थान होता है, और एक व्यक्ति अपने जीवनकाल में कई किरदार निभाता है.' ये अद्भुत शब्द विलियम शेक्‍सपियर के हैं, वही शेक्‍सपियर जो अपने दौर के मशहूर कवि, नाटककार और एक्‍टर हैं। एक वक्‍त था जब उन्‍हें इंग्‍लैंड का राष्‍ट्रीय कवि या Bard of Avon यानि एवन का कवि कहा जाता था। शेक्‍सपियर के नाटकों का बॉलीवुड में काफी इस्‍तेमाल हुआ है। इन नाटकों पर कई फिलमें बनी हैं। आइये आपको बताते हैं शेक्‍सपियर के नाटकों से प्रभावित कुछ चर्चित फिल्‍मों के बारे में। -शेक्‍सपीयर की हमशक्‍लों के कॉमेडी नाटक कॉमेडी ऑफ एरर पर बेस्‍ड वैसे तो कई फिल्‍में बनी हैं। इन सबमें सबसे ज्‍यादा फेमस हुई 1982 में आई संजीव कुमार और देवेन वर्मा स्‍टारर फिल्‍म अंगूर जिसे गुलजार ने डायरेक्‍ट किया था। -फिल्‍म र्निमाता विशाल भारद्वाज के पसंदीदा नाटककार विलियम शेक्‍सपियर ही हैं। इसीलिए उन्‍होंने नाटकों पर बेस करके कई फिल्‍में बनाई। उनकी ऐसी पहली फिल्‍म थी मकबूल जो उन्‍होंने शेक्‍सपियर के नाटक मैकबेथ से प्रभावित हो कर बनाई थी। पंकज कपूर, तब्‍बू और इरफान खान स्‍टारर इस फिल्‍म में कहानी का पूरी तरह से भारतीयकरण कर दिया गया था। इस फिल्‍म में भी मकबूल मैकबेथ की तरह अपने अपराधबोध से अंत तक मुक्ति नहीं पाता है। मैकबेथ की तरह वो अपने राजा यानि गिरोह के सरगना की हत्‍या राज्य पाने के लालच यानि गिरोह को कब्जे में लेने और उसकी दौलत को हासिल करने के लिए करता है। -विशाल भारद्धाज ने ही अजय देवगन, सैफ अली खान, विवेक ओबेरॉय और करीना कपूर को लेकर ओंकारा बनाई जो ओथॉलो से इंस्‍पायर थी। ओथॉलो की तरह ही ओमकारा भी ईष्‍या, सतता के लालच, विश्‍वासघात और अविश्‍वास के ताने बाने से बुनी गयी है। बस ऑथॉलो के राजा रानी की कहानी ओमकारा में पूर्वांचल के बाहुबली और उसके दोस्‍तों और सहयोगियों के धोखे में बदल जाती है। -अगर सूत्रों की माने तो संजय लीला भंसाली की रणवीर सिंह और दीपिका पादुकोण स्‍टारर फिल्‍म रामलीला शेक्‍सपियर के विश्‍व प्रसिद्ध नाटक रोमियो जूलियट से इंस्‍पायर थी। इसमें रोमियो जूलियट के प्‍यार में दीवार बनी पारिवारिक दुश्‍मनी की तरह गुजरात के रहने वाले दो ताकतवर परिवारों की दुश्‍मनी राम और लीला के प्‍यार के रास्‍ते में आ जाती है। रोमियो जूलियट की तरह अंत में दोनों अपना जीवन समाप्‍त कर लेते हैं। -विशाल भारद्वाज ने शेक्‍सपियर के नाटक हैमलेट से इंस्‍पायर होकर अपनी तीसरी फिल्‍म हैदर बनाई। हैमलेट में डेनमार्क का राजा क्लाडियस उसकी पत्नी गरट्रूड की सहायता से अपने भाई की हत्या करके राजा बनता है और उसका बेटा हैमलेट अपने हक से वंचित हो जाता है। जब हैमलेट विटेनबर्ग पढ़ाई करके लौटता है तब उसके पिता की प्रेतात्मा उसे इस अपराध के बारे में बताती है और बदला लेने को उकसाती है। हैमलेट स्वभाव से शिकायत करने वाला और दुखी रहने वाला शख्‍स है इसीलिए बदला लेने से डरता है और अपने मन के भीतर हो रहे तनाव के चलते एक पागल की तरह बर्ताव करता है। इस सबमें उसकी प्रेमिका भी उससे बिछड़ जाती है। आखिर में वो अपने पिता का बदला लेने के लिए अपने चाचा और मां की मौत का कारण बनता है। ऐसा ही कुछ हैदर बने शाहिद कपूर अपने चाचा के के मेनन और मां तब्‍बु के साथ करते हें श्रद्धा कपूर उनकी प्रेमिका बनी हैं। फिलम को कश्‍मीर में आतंकवाद और सेना की कार्यवाही को आधार बना कर कहानी बुनी गयी है। अपने नाटकों, कविताओं से साहित्य जगत पर राज करने वाले विलियम शेक्सपियर का निधन आज ही के दिन यानी 23 अप्रैल 1616 को हुआ था. आज उनकी 403वीं पुण्यतिथी है. उनका जन्म 1564 को ब्रिटेन के स्ट्रैटफोर्ड आन एवन में हुआ था. साहित्य जगत के सम्राट कहे जाने वाले विलियम शेक्सपीयर किसी एक मुल्क के नहीं बल्कि पूरी दुनिया के साहित्यकार थे. उनकी लिखी हुई कृतियों का विश्व की कई भाषाओं में अनुवाद किया गया है. उनकी कहानियों-नाटकों पर आधारित कई बेहतरीन फिल्में बनी हैं. आज भी शेक्सपियर के नाटकों का जादू पूरी दुनिया पर छाया हुआ है.

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