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FingerPrint बचानी हैं तो शेकहैंड नहीं, नमस्ते करिये

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FingerPrint बचानी हैं तो शेकहैंड नहीं, नमस्ते करिये

हाथों की लकीरों में लिखी होती है तकदीर। लेकिन अब इन लकीरों पर खतरा मंडराने लगा है। इससे फ्यूचर छोड़िए वर्तमान बचाना मुश्किल होने लगा है। बायोमैट्रिक आइडेंटिटी प्रूफ के दौर में लोगों के अंगुलियों की लकीरें मिट रही हैं। ऐसा हो रहा है फिंगर प्रिंट एग्जिमा नामक स्किन प्रॉब्लम से। जो एक अंगुली से शुरू होकर दोनों हाथों की सभी लकीरों को मिटा दे रही है। इस समस्या से कोई बैंक अकाउंट नहीं खुलवा पा रहा तो कोई ऑफिस में अपनी हाजिरी दर्ज नहीं करवा पा रहा। इस समस्या से जूझने वाले लोगों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। लेकिन सरकार की ओर से इसे लेकर अब तक कोई गाइडलाइन जारी नहीं की गई है। वहीं, स्किन स्पेशलिस्ट ने इससे बचाव के लिए नमस्ते कैंपेन शुरू कर दिया है। उनका मानना है कि हाथ मिलाने से परहेज करके खुद को इस बीमारी से बचाया जा सकता है। इंडियन एसोसिएशन ऑफ डर्मटॉलजिस्ट के मेंबर और नेशनल स्किन हॉस्पिटल के डॉ. विकास ने बताया कि उन्होंने अपने हॉस्पिटल को शेकहैंड फ्री जोन डिक्लेयर किया है। क्योंकि हाथों से जुड़ी स्किन प्रॉब्लम हाथ मिलाने से बढ़ रही है। ऐसे में नमस्ते करने की आदत डालने की सलाह दी जा रही है। फिंगर प्रिंटएग्जिमा के साथ ही पामर सोरायसिस, कायरोपाम्फोलिक्स, टीनिया मेनन से हाथ की लकीरें मिटने लगी हैं। डॉ. विकास ने बताया कि इन बीमारियों के शुरुआती दौर में हाथों में खुजली, लालपन, पानी वाले दानें निकलना, डार्कनेस, हथेली में कड़ापन जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। इस बीमारी को लेकर स्किन स्पेशलिस्ट काफी गंभीर हैं। डर्मटॉलजिस्ट एसोसिएशन से जुड़े डॉक्टरों ने इस पर रिसर्च भी शुरू कर दी है।

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