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ये होगा ईरान से तेल आयात बैन का असर

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ये होगा ईरान से तेल आयात बैन का असर

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान से कच्चे तेल के आयात पर आगे किसी देश को कोई छूट नहीं देने का फैसला किया है. अमेरिका के इस फैसले का सबसे ज्यादा असर भारत और चीन पर पड़ने वाला है. इससे भारत के लिए कच्चे तेल की लागत तीन से पांच फीसदी बढ़ जाने की आशंका है. इससे महंगाई बढ़ सकती है और रुपये में गिरावट आ सकती है. इसके अलावा भी भारत पर कुछ नुक्सान और कुछ फास्दे के रूप में असर पड़ेगा. जैसे कि कच्चे तेल की कीमतों में तीन से पांच प्रतिशत की अनुमानित वृद्धि से देश का निर्यात कारोबार घटेगा. महंगाई के फिर से ऊपर की ओर जाने की आशंका बन जाएगी.चालू खाते का घाटा बढ़ने से पहले से ही काफी ढलान पर चल रहे रुपये में डॉलर के मुकाबले और गिरावट आ सकती है. इसके अलावा सरकारी खजाने पर भी असर पड़ेगा. साल साल 2018-19 में भारत के लिए ईरान चौथा सबसे बड़ा तेल निर्यातक देश रहा है. कीमतों और कर्ज सुविधा के लिहाज से भारत को कोई और देश इतनी सुविधा नहीं दे सकता. अमेरिका ने यह रोक ऐसे समय लगाई है, जब भारतीय क्रूड बास्केट यानी दुबई, ओमान और ब्रेंट क्रूड कीमतों का औसत बढ़रहा है और देश में लोकसभा चुनाव का दौर है. जानकारों का कहना है कि भारत ईरान से अपने तेल आयात में भारी कटौती तो कर सकता है, लेकिन शायद वह 1 लाख बीपीडी यानी बैरल पर डे का आयात ईरान से जारी रखे और इसके लिए रुपये में भुगतान सुविधा का लाभ उठा सकता है. यह देश में ऊर्जा सुरक्षा के लिए भी जरूरी है. साथ ही, राजनीतिक लिहाज से देखें तो ईरान का भारत के साथ ऐतिहासिक रिश्ता रहा है और भारत इस संपर्क को बनाए रखने की पूरी कोशिश करेगा.

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