content-cover-image

Special: आतंकी Masood Azhar की करतूतों की कहानी

मुख्य खबरें

00:00

ट्रेंडिंग रेडियो

Special: आतंकी Masood Azhar की करतूतों की कहानी

आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मौलाना मसूद अजहर को आज पूरी दुनिया ने आतंकवादी मान लिया है . हाल ही में इस खूंखार आतंकी की पडोसी मुल्क में मौत हो जाने की ख़बरें उड़ी थीं; लेकिन फिर दुर्भाग्यवश पाकिस्तान ने इस खबर का खंडन किया. पाकिस्तान की धरती से भारत के खिलाफ साजिश रचने वाला ये आतंकवादी अब तक सैकड़ों लोगों की जान ले चुका है. इसी साल 14 february में पुलवामा में CRPF के काफिले पर हुए हमले को मसूद अजहर के संगठन ने ही अंजाम दिया था. CRPF के 40 जवानों की शहादत के कुछ घंटे बाद ही इसने हमले की जिम्मेदारी ली थी. इसके शुरूआती दौर की बात करें तो मसूद अजहर ने भारत के खिलाफ साजिश रचने के लिए साल 2000 में जैश-ए-मोहम्मद नाम के एक आतंकी संगठन का गठन किया. मसूद पहले इसे हरकत-उल-मुजाहिदीन के बैनर के तहत चलता था जो अल-कायदा से जुड़ा हुआ था.अजहर ने जैश की स्थापना साल 1999 में रिहा होने के बाद की थी. साल 1999 में कंधार विमान अपहरण कर आतंकियों ने मसूद अजहर को छुड़ा लिया था. तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार ने उसे रिहा किया था. संयुक्त राष्ट्र के अनुसार उसने तत्कालीन अल-कायदा चीफ ओसामा बिन लादेन और अफगान तालिबान के समर्थन से जैश-ए-मोहम्मद का गठन किया था. मसूद अजहर को 1994 में श्रीनगर में गिरफ्तार किया गया था. फिर उसे छुड़ाने के लिए 1995 में उसके साथियों ने कुछ विदेशी पर्यटकों को अगवा कर लिया था. हालांकि इनमें से एक भागने में कामयाब हो गया था. इसके नापाक करतूतों पर रौशनी डाली जाए तो 1999 में छूटने के बाद 2001 में मसूद अजहर ने भारतीय संसद पर हमला किया. इस हमले में दिल्ली पुलिस के जवान समेत कुल 9 लोग शहीद हुए थे. इसी साल उसने जम्मू कश्मीर विधानसभा पर भी हमला किया. मसूद यहीं नहीं ठहरा. माना जाता है कि 2008 मुंबई आतंकी हमले में भी उसकी अहम भूमिका थी. 2016 के पठानकोट आतंकी हमले में भी उसकी भूमिका मानी जाती है. भारतीय सेना, सुरक्षा एजेंसियों ने अजहर और उसके भाई को इस वारदात के लिए दोषी माना था. भारत ने इसके बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उसकी करतूतों को बेनकाब किया. उसके बाद इंटरपोल ने उसके खिलाफ दूसरी बार रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया. भारत चाहता है कि उसको अंतरराष्ट्रीय आतंकी घोषित किया जाए. लेकिन चीन तब से ,आज तक इसपर अंड़गा डालता आ रहा था . जैश-ए-मोहम्मद को भारत समेत अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड जैसे कई देशों ने आतंकी ग्रुप घोषित कर रखा है.भारत पहले भी उसके खिलाफ सबूत दे चुका था , लेकिन पाकिस्तान ने कभी कोई कार्रवाई नहीं की. भारत ने पुलवामा हमले में भी उसका हाथ होने का पाकिस्तान को मुहतोड़ सबूत दिया था . 2008 मुंबई आतंकी हमले के बाद भी आतंकियों को पालने वाले पाकिस्तान ने उसे गिरफ्तार करने से मना कर दिया. उसने यहां तक कहा कि उसे नहीं पता कि अजहर कहां रहता है. लेकिन आज india की सिर्फ पकिस्तान , चीन , जैश-ए-मोहम्मद पर ही नहीं बल्कि आतंकवाद पर एक बड़ी जीत हुयी है.

Show more
content-cover-image
Special: आतंकी Masood Azhar की करतूतों की कहानीमुख्य खबरें