content-cover-image

अलवर सामूहिक दुष्कर्म मामला: दरिंदगी की हद

मुख्य खबरें

00:00

ट्रेंडिंग रेडियो

अलवर सामूहिक दुष्कर्म मामला: दरिंदगी की हद

राजस्थान के अलवर जिले में पति को बंधक बनाकर पत्नी से सामूहिक दुष्कर्म और वीडियो वायरल करने के मामले को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा है दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। मीडिया से उन्होंने कहा कि मामले को गंभीरता से लेते हुए डीजीपी को खुद जांच की निगरानी करने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। मामले में प्रयागपुरा निवासी 22 वर्षीय इंद्रराज गुर्जर को गिरफ्तार कर लिया गया है। एक अन्य युवक मुकेश गुर्जर को वीडियो वायरल करने के मामले में पकड़ा गया है। इससे पहले मामले में मंगलवार शाम 5 पुलिस कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई। आरोप है कि थानागाजी थाना पुलिस ने 2 मई को केस दर्ज किया, लेकिन चुनावों के कारण घटना को दबाए रखा। लापरवाही बरतने के आरोप में थानागाजी थाने के प्रभारी सरदार सिंह को निलंबित किया गया, जबकि एएसआई रूपनारायण, सिपाही राम रतन, महेश कुमार और राजेंद्र को लाइन हाजिर कर दिया गया। मंगलवार देर शाम को ही प्रदेश सरकार ने एसपी राजीव पंचार को भी हटा दिया। हालांकि ऐसा करने के पीछे कार्मिक विभाग ने प्रशासनिक कारण बताया। डीजीपी कपिल गर्ग ने जयपुर में पुलिस मुख्यालय में प्रेस कांफ्रेंस कर बताया कि मामले में एक आरोपी इंद्रराज गुर्जर को गिरफ्तार कर लिया गया है। सभी आरोपी नामजद कर लिए हैं और जल्द गिरफ्तार होंगे। उन्होंने मामले को दबाने की बात से इनकार किया। हालांकि उन्होंने कहा कि थाने में 29 पुलिस कर्मचारियों का स्टाफ है। सभी पुलिस कर्मचारियों की जांच की जाएगी। इसके लिए एक टीम का गठन किया गया है। मामला 26 अप्रैल का है और 30 अप्रैल को एसपी को जानकारी मिली थी। वहीं प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मदन लाल सैनी का कहना है मामले को दबाए रखने के लिए मुख्यमंत्री जिम्मेदार हैं। उन्हें इस्तीफा देना चाहिए। वारदात के करीब 4 चार दिन बाद पीड़ित दंपति 30 अप्रैल को अलवर के एसपी के पास पहुंचे। जिसके बाद दो मई को थानागाजी पुलिस थाने में मामला दर्ज हुआ। घटना का वीडियो 6 मई को वायरल कर दिया गया।

Show more
content-cover-image
अलवर सामूहिक दुष्कर्म मामला: दरिंदगी की हद मुख्य खबरें