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Special: जानिए दुनिया भर में बुर्क़ा, नक़ाब, हिजाब का मक़ाम

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Special: जानिए दुनिया भर में बुर्क़ा, नक़ाब, हिजाब का मक़ाम

डेनमार्क ने चेहरे को ढकने वाले सभी तरह के स्कॉर्फ पर बैन लगा रखा है. साल 2018 में इसको लेकर डेनमार्क की संसद में कानून पारित हुआ था. इस काननू के तहत डेनमार्क की पुलिस को यह अधिकार है कि अगर वह किसी महिला का चेहरा नकाब या बुर्का या किसी भी तरह से ढका हुआ देखते हैं तो उनको फाइन कर सकते हैं और हटाने को कह सकते हैं. पहली बार नियम का उल्लंघन करते हुए पकड़े जाने पर 1000 डैनिश क्रोन और दूसरी बार पकड़े जाने पर 10000 डैनिश क्रोन देने होते हैं. साल 2017 में जर्मनी में सरकारी कर्मचारी, जज और सैनिकों के पर पूरा चेहरा ढकने पर प्रतिबंध लगा दिया. हाल में ही हुए आतंकी हमले के बाद श्रीलंका ने भी सार्वजनिक जगहों पर चेहरे को पूरी तरह से ढकने पर प्रतिबंध लगा दिया है. बेल्जियम में 20011 से ही बुर्का और नकाब प्रतिबंधित हैं. इस नियम को तोड़ने की वजह से 24 अगस्त 2016 तक 60 महिलाओं के खिलाफ मुकदमा चलाया गया. नीदरलैंड ने 2016 में कुछ जगहों पर इसे प्रतिबंधित कर दिया. नियम के मुताबिक स्कूल के साथ-साथ उन जगहों पर जहां पहचान के लिए चेहरे देखना जरूरी हो जैसे एयरपोर्ट वहां पर यह नियम लागू होते हैं. साल 2015 में कैमरुन में बुर्का पर तब प्रतिबंध लगाया गया जब वहां दो महिलाओं ने इस परिधान का इस्तेमाल कर आत्मघाती हमला कर दिया था. इस हमले में 13 लोगों की मौत हो गई थी. इसके अलावा, इटली के लोम्बार्डी में किसी भी महिला के बुर्का पहनने पर रोक है. यह रोक खास तौर पर अस्पताल और सार्वजनिक जगहों पर है. लेकिन भारत में इस तरह का कोई प्रतिबंध फिलहाल तो नहीं है. आपको क्या लगता है? मुस्लिम महिलाओं के बुर्का, नकाब या हिजाब पर रोक लगाना सही है ?? और अगर नहीं, तो क्यों. आपके विचार मायने रखते हैं, कमेंट कर हम तक ज़रूर पहुंचाएं.

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