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Special: आख़िर कब तक हवस का शिकार होंगी मासूम बच्चियां?

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Special: आख़िर कब तक हवस का शिकार होंगी मासूम बच्चियां?

कठुआ रेप पर एक फैसला आ चुका है अलीगढ रेप पर sit का गठन हो चूका है लोगो को गिरफ़्तार किया जा चूका है लेकिन इस के बीच सबसे बड़ी बात यही है की आखिर रेप होते क्यों है वो भी बच्चियों के साथ हर आधे घंटे में एक 'बच्ची' का बलात्कार हो रहा है और हर घंटे इंसानियत शर्मसार. कठुआ गैंगरेप, उन्नाव रेप, सासाराम रेप, सूरत रेप अलीगढ,भोपाल ...ये मामले भयावह हैं, क्योंकि इनमें जिनका रेप किया गया वो मासूम बच्चियां थीं. और ये मामले हम सभी के सामने ये सवाल छोड़ जाते हैं कि 'बच्चियों के साथ कोई रेप करने की सोच भी कैसे सकता है?', तो आज जवाब इसी बात का, कि आखिर क्यों कोई मासूम बच्चियों से अपनी हवस मिटाता है. जिस मासूम को देख के मन में प्यार उमड़ आता है, देख उसी को कैसे किसी के मन में हैवान उतर आता है ! तीन साल 5 साल या 8 साल की बच्ची में कौन सी सेक्स अपील होती है पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा रेप के मामले में दक्षिण अफ्रीका 2012 में पहले नंबर पर था. यहीं की सोशल वर्कर डॉ.अमीलिया क्लेजन(Amelia Kleijn) ने बच्चों के साथ रेप करने वाले रेपिस्ट के साथ कुछ वक्त गुजारा और उनके जीवन में झांकने का प्रयास किया कि आखिर वो क्या वजह थीं, जिसकी वजह से उन्होंने बच्चों का बलात्कार किया.

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