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Budget'19 Spl: क्या निकलेगा सीता की रसोई से

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Budget'19 Spl: क्या निकलेगा सीता की रसोई से

केंद्र की मोदी सरकार 5 जुलाई को अपने दूसरे कार्यकाल का पहला बजट पेश करेगी। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण जब देश के सामने पहला बजट पेश करेंगी तो सारी निगाहें उन पर होंगी। आम जनता यह जानने की उत्सुक रहेगी कि आखिर निर्मला सीतारमण के बजट रूपी पिटारे से उसे क्या मिलेगा। बजट को तैयार करने की एक लंबी प्रक्रिया होती है और कई हफ्ते पहले से वित्त मंत्रालय के अधिकारी इसे तैयार करने में जुट जाते हैं। इन सबके बीच शायद बहुत कम लोगों को पता होगा कि भारत का पहला बजट एक अंग्रेज ने 1860 में बनाया था और इस शख्स का नाम था जेम्स विल्सन। विल्सन ने ही स्टैंडर्ड चार्टट बैंक की स्थापना भी की थी। विल्सन बहुमुखी प्रतिभा के इतने धनी थे कि उन्होंने व्यापक रूप से पढ़ी जाने आर्थिक पत्रिका 'द इकोनोमिस्ट' की भी स्थापना की थी। चलिए अब नज़र डालते है क्या क्या निकल सकता है सीता जी की रसोई से बजट-पूर्व सर्वे में सलाहकार कंपनी केपीएमजी (इंडिया) ने भी कहा है कि व्यक्तिगत करदाताओं के लिए आयकर छूट की मौजूदा ढाई लाख रुपये की सीमा को आम बजट में बढ़ाया जा सकता है। सर्वे में यह भी कहा गया है कि 10 करोड़ रुपये सालाना से अधिक आय वाले करदाताओं पर सरकार टैक्स की दर बढ़ाकर 40 फीसद कर सकती है।साथ ही home लोन में भी कुछ राहत हो सकती है रोजगार को ले कर निशाने पर रही मोदी सरकार रोजगार के अवसरों के सृजन के लिए भी कदम उठा सकती है इंडस्ट्री को भरोसा है कि बजट में नए कारोबार को बढ़ावा देने की पहल की जाएगी जिससे इकोनॉमी ग्रोथ करेगी और रोजगार के मौके भी तैयार होंगे. नए कारोबार से इनोवेशन को प्रोत्साहन मिलेगा! उम्मीद है एंजेल टैक्स से छुटकारा भी मिल सकता है अभी ये सीमा 25 करोड़ है ! भारत को निर्मला सीतारमण के तौर पर पहली पूर्णकालिक महिला वित्त मंत्री मिली है ऐसे में महिलाये उनसे काफी उम्मीदे लगाये है गैर-कामकाजी महिलाएं वित्तीय रूप से आत्मनिर्भर बनने के लिए खुद का बिजनेस शुरू करन चाहती हैं. लेकिन सामाजिक पाबंदियों के चलते स्किल डेवलपमेंट की कमी उनके इस लक्ष्य के आड़े आ जाती है. सरकार महिलाओं के लिए ‘सपोर्ट टू ट्रेनिंग एंड इंप्लॉयमेंट प्रोग्राम (STEP)’ चलाती है लेकिन इसके लिए बजटरी एलाकेशन को 40 करोड़ रुपये से घटाकर 5 करोड़ रुपये कर दिया गया है. इस एलोकेशन को बढ़ाया जा सकता है. देश में महिला सुरक्षा पर और ज्यादा जोर दिए जाने की जरूरत है. केवल वित्तीय एलाकेशन काफी नहीं है, इंडस्ट्रीज में महिला वर्कफोर्स की संख्या घट रही है. यह संख्या 2016 में 32 फीसदी थी, जो 2018 में 23 फीसदी रह गई. इस पर भी कुछ होना चाहिए! बजट 2019 के लिए महिलाओं की विश लिस्ट में इनकम टैक्स एग्जेंप्शन लिमिट और सेक्शन 80 सी के तहत टैक्स कटौती की लिमिट बढ़ाया जाना भी शामिल है. आज के दौर में ज्यादातर पति व पत्नी कामकाजी होते हैं. ऐसे में परिवार व बच्चों की जिम्मदारियां कहीं न कहीं अधूरी रह जाती हैं. महिला टैक्सपेयर्स वित्त मंत्री से लंबे समय से चली आ रही ‘पेरेंटल लीव’ लागू किए जाने की मांग पूरी होने की उम्मीद रखती हैं वहीँ किसानो के ले कर भी सरकार कुछ कदम उठा सकती है उम्मीद है किसानों की आर्थिक मदद 6000 से बढ़ कर 8000 हो जाये ! किसानों के लिए जल संकट बहुत बड़ा होता जा रहा है। सरकार इस पर भी कुछ निर्णय ले सकती है

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