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पोकरण जैसा सीक्रेट था 'मिशन शक्ति', सिर्फ चंद लोगों को थी जानकारी

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पोकरण जैसा सीक्रेट था 'मिशन शक्ति', सिर्फ चंद लोगों को थी जानकारी

भारतीय वैज्ञानिकों की ओर से ऐंटी-सैटलाइट मिसाइल की लॉन्चिंग के मिशन की जानकारी बुधवार को पीएम नरेंद्र मोदी ने दुनिया को दी थी। महज 3 मिनट में सैटलाइट को मार गिराने का यह मिशन पूरी तरह से सीक्रट रखा था और सिर्फ 30 से 40 लोगों के ग्रुप को ही इस संबंध में जानकारी थी। तकनीकी रूप से काफी जटिल इस मिशन को लेकर सरकार ने पूरी गोपनीयता बरती थी। डीआरडीओ के वैज्ञानिक सतीश रेड्डी ने कहा कि इस प्रॉजेक्ट पर बीते करीब 6 महीने से 300 वैज्ञानिक और स्टाफ दिन रात काम कर रहे थे। इससे पहले मई, 1998 में अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में इसी तरह गोपनीयता बरतते हुए परमाणु परीक्षण किया गया था। इस परीक्षण से भारत ने बाहरी अंतरिक्ष में अपने एसेट्स को सुरक्षित रखने की क्षमता हासिल कर ली है। किसी भी तरह की विवाद की स्थिति में ऐंटी-सैटलाइट मिसाइल भारत को बड़ी बढ़त देने वाली है। वैज्ञानिकों के मुताबिक इसके जरिए भारत अधिक ऊंचाई से आने वाली मिसाइलों से निपटने में भी मदद मिलेगी। भारत के बेड़े में पहले से ही बलिस्टिक मिसाइल डिफेंस प्रोग्राम के तहत पहले से ही बहुत सी मिसाइलें हैं। साथ ही ,बता दें कि अमेरिका, रूस और चीन के बाद अंतरिक्ष में महाशक्ति बनने वाला भारत चौथा देश है .

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